MAXIM-2:Commentary on Ten Commandments (In Hindi) : Ram Chandra

Posted On Thursday, April 4, 2019 | 8:58:32 AM

उसूल नम्बर-2, सहज मार्ग के दस उसूलों की शरहःराम चन्द्र

UNVEILING OF TRUTH BY THE SPECIAL PERSONALITY·THURSDAY, APRIL 4, 2019

पूजा अर्चना से शुरु की जावे । 
प्रार्थना आत्मिक उन्नति के लिए होना चीहिए और 
इस तरह कि हृदय प्रेम से भर जावे।

उसूल की व्याख्याः
प्रार्थना बन्दगी ( भक्ति) की दलील (द्योतक) है । इससे जाहिर होता है कि हमने रिश्ते- ए- बन्दगी उस जात पाक से कायम कर लिया है । हमने किसी को मालिक माना तो हम उसके बन्दे हो गये । बन्दे को बन्दगी से मतलब होता है । भरत जी की मिसाल मुलहाजा हो जिन्होंने सेवाय आका (स्वामी ) की परिसतिश(पूजा) और कद्र के दूसरी बात को दिल में गुन्जाइश नहीं दी ।यह मिसाल है जिसको कि हमें रिश्तए बन्दगी कायम करने के लिेए निगाह में रखना चाहिेए । यही रिश्तए मुहब्बत कहा जा सकता है । यह वह लड़ी है जो शुरू से आखीर तक सम्बन्ध जोड़ देती हैं। 
तार वर्की (बिजली) का उसूल लोगों को मालूम होगा । बिजली का एक हिस्सा एक सिरे पर होता है और उससे आखीर सिरे तक खबर पहुँच जाती है ।

यही हाल बन्दे का समझना चाहिेए कि उसने अपनी ताकत की बिजली से मालिक तक खबर पहुँचा दी है । वह तार जिसका लगाव बन्दे से मालिक तक हुआ है उसमें अपनी इबादत के असरात से वह हिस्सा जो मालिक के पास है बन्दे के पास आना शुरू हो जाता है ।
रफता रफता नौबत इस हद तक पहुँचती है कि हर चीज मालिक की बन्दे तक पहुँचने लगी है । शुरू में सिर्फ बन्दे अपनी खबर मालिक तक पहुँचाई थी । 

क्या अच्छी बात है? .........................................................................क्रमशः
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